Monday, September 12, 2011

विकलांग बच्चों के परिजनों हेतु विशेष बीमा योजना



ये बीमा योजनाएं केवल उन लोगों के लिए है,जिनके बच्चे विकलांगता के शिकार हैं और जिन्हें जीवन भर विशेष देखभाल की जरूरत पड़ेगी। ऐसे बच्चों के माता-पिता को हमेशा यह चिंता भी सताती रहती है कि उनके बाद इन बच्चों का देखभाल कौन करेगा। ऐसे लोगों के लिए ये बीमा योजनाएं एकदम उपयुक्त है। दरअसल ये सभी ग्रूप बीमा योजनाएं है जिनके तहत ऑटिज्म (आत्मकेन्द्रित), सेरेब्रल पॉल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात), मेंटली रिटार्डिड (मंदबुद्धि) और बहु विकलांगता से ग्रसित बच्चों के माता-पिता, अभिभावक और उनका पालन-पोषण करने वाले लोगों का बीमा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि देश में इस समय इस तरह की विकलांगता से ग्रसित करीब 22लाख लोग हैं। अन्य बीमा कंपनियों के पास भी इस तरह की पॉलिसी उपलब्ध हैं, लेकिन वे नेशनल ट्रस्ट की इन योजनाओं के मुकाबले में काफी महंगी हैं, जिन्हें एक सामान्य व्यक्ति नहीं खरीद सकता।
योजना का लाभ क्या हैं?
अस्मिता योजना के तहत विशेष देखभाल की जरूरत वाले विकलांग बच्चों और उनके माता-पिता या अभिभवकों का एक से दस लाख रुपए का जीवन बीमा किया जाता है। योजना के तहत केवल एक ही व्यक्ति को फायदा मिल सकता है। एक बच्चे के साथ केवल माता-पिता या अभिभवक में से किसी एक को ही सम्मिलित किया जाएगा। दुर्भाग्य से किसी दम्पती के दो बच्चे विकलांगता से पीडि़त हों तो वे दो पॉलिसी ले सकते हैं। अगर बीमित व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटनावश या स्वत:हो जाती है तो बीमा कम्पनी बीमा राशि के रुपए नेशनल ट्रस्ट को देगी,जो कि बीमा के तहत नॉमिनी भी है। आत्महत्या की स्थिति में बीमा राशि नहीं मिलती। ट्रस्ट कुछ विशेष मामलों में बीमा राशि का पैसा अपने पास ही रखता है, ताकि उसके ब्याज से बच्चे की सही से देखभाल की जा सके। नेशनल ट्रस्ट इन पैसों को उन परिजनों को किस्तों में भी दे सकता है, जो उस बच्चे की देखभाल माता-पिता के गुजरने के बाद करेंगे। एक बार जब इस तरह की योजना के तहत किसी ने फायदा उठा लिया हो, तो वह दोबारा उसे योजना के तहत लाभ नहीं ले सकता। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए माता-पिता या अभिभावक की न्यूनतम आयु 18साल होनी चाहिए और पॉलिसी नवीनीकरण की आयु 59 साल।
कैसे लें यह बीमा?
इन बीमा योजनाओं को लेने के लिए विकलांग बच्चों के माता-पिता या अभिभावक को उन संस्थाओं में आवेदन करना होगा, जो नेशनल ट्रस्ट के तहत पंजीकृत हैं। संस्थाओं का पता और आवेदन फार्म ट्रस्ट की साइट http://www.thenationaltrust.in/ से डाउनलोड किया जा सकता है। ट्रस्ट से पंजीकृत संस्था लोगों के आवेदन करने की प्रक्रिया को पूरा करने से लेकर भविष्य में किसी अनहोनी की स्थिति में क्लेम दिलवाने तक का कार्य करेगी।
आवश्यक प्रपत्र
आवेदन फार्म के साथ आवेदकों को बच्चे का विकलांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, माता-पिता या अभिभवक के साथ विकलांग बच्चे का फोटो और कानूनी अभिभावक होने का प्रमाण संलग्न करना होगा। माता-पिता को अभिभावक प्रमाण पत्र संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है। इस आवेदन के साथ किस्त राशि का ट्रस्ट के नाम देय एक चैक भी संलग्र करना होता है। बीमा राशि के भुगतान के समय क्लेम प्रपत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र तथा दुर्घटना मृत्यु होने पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भेजनी होती है। बीमा राशि का भुगतान पांच सप्ताह में हो जाता है।
कितनी होगी किस्त?
इस योजना को भी बाकी बीमा योजनाओं की तरह छोटी उम्र में ही लेने पर ज्यादा लाभ है। निरामय योजना में 250रूपए एक लाख के बीमें पर लिए जाते हैं। फिलहाल बाजाज एलियंस की बीमा स्कीम अस्मिता किन्हीं कारणों से कार्य नहीं कर रही है। अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र में बीमा कम्पनी या नेशनल ट्रस्ट के सहयोगियों से सम्पर्क कर सकते हैं।
सम्पर्कद नेशनल ट्रस्ट
ऑटिज्म (आत्मक केन्द्रित), सेरेब्रल पॉल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात), मेंटली रिटार्डिड (मंदबुद्धि) और बहु विकलांगता से ग्रसित लोगों के कल्याण हेतु संस्था।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार।
16-बी, बड़ा बाजार मार्ग, ओल्ड राजेन्द्र नगर,
नई दिल्ली-110060,
फोन: 011-43187878 फैक्स : 011-43187880
e-mail : mailto:nationaltrust@nic.in
Web: http://www.thenationaltrust.in/

Wednesday, February 9, 2011

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